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10 Chilling Rituals Still Practiced in Remote Parts of India

Ten Chilling Rituals Still Practiced in Remote Parts of India India’s remote corners hide some seriously unsettling traditions that have survived for centuries. In isolated Himalayan villages, dense Northeast forests, and tribal pockets of central India, these rituals blend faith, fear, and the supernatural in ways that’ll make your skin crawl. They’re not tourist shows—they’re lived beliefs, often involving blood, spirits, or life-or-death risks. Here’s a no-BS look at 10 that are still happening today. 10. Mukka Sendra – The Women-Only Hunt of the Oraon Tribe Every 12 years, Oraon women in the remote hills of Jharkhand, Chhattisgarh, and Odisha turn into hunters. Dressed as men, armed with bows, arrows, and spears, they head into the forest while the men stay home. It’s called Jani Shikar or Mukka Sendra—a raw celebration of female strength and a plea to the spirits for good harvests. The ritual kicks off at dawn with priestly blessings at the village akhara. Locals say breaking t...
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क्या इच्छाएँ ही हमारे दुख का कारण हैं? जानिए जीवन की असली आज़ादी

जीते जी मुक्ति कैसे पाएँ इच्छाएँ दुख का कारण क्यों बनती हैं संतोषी जीवन कैसे जिएँ इच्छाओं को कैसे कम करें तुलना से कैसे बचें सादा जीवन में सुख कैसे पाएँ

पशुओं के प्रति व्यवहार ही असली कर्म है

पशुओं से प्यार क्यों जरूरी है? जानवरों को सताने के परिणाम? बच्चों को पशु प्रेम कैसे सिखाएँ? कर्म और जीवन का सत्य why kindness to animals matters?

क्या भारत में सरकारी प्राथमिक शिक्षक सबसे ज़्यादा इस्तेमाल और सबसे कम सम्मानित संसाधन बन चुके हैं?

क्या भारत में सरकारी प्राथमिक शिक्षकों का सबसे अधिक दुरुपयोग होता है? सरकारी योजनाओं का बोझ प्राथमिक शिक्षकों पर क्यों डाला जाता है? ULLAS और अन्य योजनाओं के टारगेट से प्राथमिक शिक्षक क्यों परेशान हैं? क्या गैर-शैक्षणिक कार्यों से सरकारी स्कूलों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है? प्राथमिक शिक्षक को सबसे कम आंका जाने वाला सरकारी संसाधन क्यों माना जाता है?

जीवन के उतार-चढ़ाव को स्वीकार करने की कला

ज़िंदगी एक यात्रा क्यों है सरल शब्दों में? लोग हमारी ज़िंदगी में क्यों आते और चले जाते हैं? रिश्तों में बिछड़ने को कैसे स्वीकार करें? जीवन में बदलाव को सकारात्मक तरीके से कैसे अपनाएँ? मिलना और बिछड़ना जीवन का हिस्सा क्यों है?

पिंजरे में बंद पंख: क्या हमें सच में पक्षियों से प्रेम है?

  क्या पक्षियों को पिंजरे में रखना सही है? पक्षियों की स्वतंत्रता पर भावनात्मक लेख जानवरों के प्रति संवेदनशीलता कैसे बढ़ाएँ? पालतू पक्षी रखना सही या गलत? आज सुबह जब मैं अपनी बालकनी में खड़ा था और हल्की धूप सामने की इमारतों की दीवारों पर उतर रही थी, तब मेरी नजर सामने वाले फ्लैट की खिड़की पर पड़ी जहाँ एक छोटा-सा पिंजरा टंगा हुआ था और उस पिंजरे के भीतर दो हरे रंग के तोते बार-बार एक छोर से दूसरे छोर तक फुदक रहे थे, जैसे कोई अदृश्य दीवार उन्हें हर बार रोक देती हो और वे समझ ही नहीं पा रहे हों कि उनके पंख आखिर किसलिए बने हैं। उसी समय आकाश में कई चिड़ियाँ बेफिक्र होकर गोल-गोल चक्कर लगा रही थीं, हवा को चीरती हुई ऊपर उठतीं और फिर नीचे आतीं, मानो आसमान उनका घर हो और धरती उनका विश्राम-स्थल, लेकिन इन दो तोतों के हिस्से में केवल लोहे की सलाखें थीं, एक छोटा-सा डंडा था जिस पर वे बैठते थे, और एक कटोरी में रखा दाना था जो उनके जीवन की पूरी सीमा बन गया था। मैंने कुछ देर तक उन्हें देखना बंद नहीं किया, क्योंकि उनकी आँखों में एक बेचैनी थी जिसे शब्दों में बयान करना आसान नहीं है, वे बाहर उड़ती चिड़ियों को...
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